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श्री खाटू श्यामजी मधुबन की स्थापना वर्ष 2013 में हुई थी। विगत वर्षों में अथक प्रयासों से मधुबन का स्वर्णिम विकास हुआ है जिसमें पर्यावरण की मापदंडों, वास्तुशास्त्रानुसार एवं जैविक पद्धति तथा सौर ऊर्जा आदि को दृष्टिगत रखते हुए सभी कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुए हैं।

मधुबन में वर्तमान भूमि संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए जैविक प्रणाली (Fully Organic) का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसके माध्यम से मधुबन में ही निर्मित (Organic Liquid) एवं जैविक खाद (Vermi Composed) का प्रयोग किया जाता है और आपको आश्चर्य होगा कि जैविक तरल खाद बनाने के लिए एक स्वचालित मशीन स्थापित की गई है जो कि पूरे क्षेत्र में अभी तक कहीं नहीं है।

मिट्टी को उर्वरक बनाने के लिए चूना (Calcium), नीम की खली, सरसों की खली, फिटकरी, हींग, हल्दी, एलोवेरा, नीला थोथा (Copper Sulphate) इत्यादि का भी प्रयोग किया जाता है एवं किसी भी प्रकार के Chemical खाद का प्रयोग में नहीं किया जाता है।

मधुबन में Agriculture, Horticulture, Flowery Culture, Orio Culture का रख-रखाव, सौंदर्यीकरण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हुआ है। इसके अतिरिक्त 3200 वर्ग फीट में एक सभागार एवं भोजनालय का कार्य तथा 1100 वर्ग फीट में माला कक्ष, वातानुकूलित कक्ष (Cold Storage) एवं स्वच्छ व आधुनिक शौचालय का निर्माण भी संपन्न हुआ है।

मधुबन में सुंदर प्राकृतिक सड़कों एवं रास्तों का निर्माण किया गया है तथा एक गोल्फ कार्ट एवं कृषि कार्य के लिए एक ट्रैक्टर और मुख्य द्वार को बनाया है साथ ही आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित फव्वारा सहित कार्य पूर्ण हो गये हैं।

मधुबन का उद्देश्य खाटू श्याम जी में एक सुंदर उपवन विकसित करना साथ ही मधुबन से श्याम बाबा की सेवा में अर्पित यहाँ विकसित फल, फूल, सब्जी व अन्य सामग्री द्वारा प्रातः एवं सायंकाल में बाबा का श्रृंगार भोग आदि व्यवस्थित है।

जिन पुष्पों के द्वारा बाबा को श्रृंगार होता है उनमें गुलाब, मोगरा, गेंदा, चंपा, चांदनी, ग्लेडियोलस, गुलदाउदी, बबूना, जापरी, रजनीगंधा, कर्न फ्लावर कार्नेशन मुख्य हैं।

प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों परिवारों को मधुबन द्वारा रोजगार देकर मानवसेवा का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ है। मधुबन वाटिका में आदरणीय प्रधानमंत्री जी से प्रेरित होकर दुनिया की सबसे छोटी पुंगनूर नस्ल की गाय आकर्षण बनी हुई है।

विशेष सूचना :
मधुबन में नवनिर्मित सभागार व रसोई घर व अन्य सुविधाओं को मधुबन के सभी सम्मानित ट्रस्टियों के लिए जैसे जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ, कीर्तन आदि कार्यक्रमों के लिये प्राथमिकता के आधार पर निःशुल्क आवंटित करने का प्रावधान भी रहने वाला है। इच्छुक बन्धु इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।

आलोकिक फूलों से होता है बाबा श्याम का श्रृंगार

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